दशहरा - नवरात्रि के नौ रंग और महत्व

नवरात्रि में मां दुर्गा के विभिन्नि रूप नवरात्रि की महाकथा की शुरुआत तब से मानी जाती है, जब महादानव महिषासुर ने शिव की अराधना करके अद्वितीय शक्तियां पा ली थीं और त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी उसे हराने में असमर्थ थे। तब सभी देवताओं ने मिलकर एक तेज प्रकट किया, जिसने एकत्र होने पर शक्ति दुर्गा का रूप लिया और महिषासुर का वध करके देवताओं को कष्ट-मुक्त किया।

जानिये शरद नवरात्रि में व्रत रखने के नियम - कैसे रखें उपवास में स्वास्थ्य का ध्यान।


भारत में व्रत की परंपरा सदियों से है। व्रत कई तरह के होते हैं- कुछ व्रत ऐसे होते हैं जिनमें पानी तक नही पिया जाता है जैसे कि, करवा चौथ, सकट चौथ, तीज, इत्यादि। कुछ व्रत ऐसे होते हैं जिनमे खाली फलाहार खाया जाता है।

अब यह आपकी श्रद्धा, और हिम्मत पर है कि आप कौन सा व्रत रखते है और किस तरह से रखते हैं। फलाहार की परिभाषा भी बहुत व्यापक है - जहाँ कुछ लोग केवल हरी मिर्च को ही फलाहार मानते हैं वहीं कुछ और लोग काली और लाल मिर्च को भी व्रत में खाते हैं। ऐसा ही कुछ सब्जियों के साथ भी है- कुछ परिवारों में खाली आलू, शकरकंद, और लौकी को ही फलाहारी माना जाता है, वहीं कुछ और लोग अरबी को भी व्रत में खाते हैं। खैर आप श्रद्धा से व्रत रखें और फलाहारी खाना अपने परिवार की परंपरा के मुताबिक खाएं।

साधारण नमक के बजाय लोग सेंधा नमक का उपयोग करते हैं क्योंकि इसे अधिक शुद्ध माना जाता है। यहाँ डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए उपवास करने के सुरक्षित तरीके बताए गए हैं। आइए देखें:



1. थोड़े थोड़े अंतराल के बाद कुछ न कुछ खाएं

डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को थोड़ी थोड़ी देर बाद थोडा थोडा खाना जैसे सब्जियां और फल आदि खाने चाहिए। इससे रक्त में ग्लूकोज़ का लेवल (ब्लड शुगर) नियंत्रित रहता है।

2. धीरे धीरे अवशोषित होने वाले खाद्य पदार्थ खाएं

उपवास शुरू करने से पहले धीरे धीरे अवशोषित होने वाले पदार्थ जैसे सब्जियां और फल जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो, का सेवन करें। इससे
पेट भरा हुआ रहता है तथा ब्लड में ग्लूकोज़ का लेवल भी नियंत्रित रहता है।

3. चाय या कॉफ़ी का सेवन न करें

जब आप उपवास करते हैं तब आपको ऊर्जा की कमी महसूस होती है और तब आप अधिक मात्रा में चाय या कॉफ़ी पीते हैं। कृपया ऐसा न करें क्योंकि चाय या कॉफ़ी में उपस्थित कैफीन के कारण डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है।

4. बहुत सारा पानी पीये

उपवास के दौरान स्वत: को हाईड्रेटेड रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अत: बहुत सारा पानी पीयें जो आपके स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

5. नारियल का पानी

नारियल का पानी एक उत्तम शुगर फ्री पेय है जो डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए बहुत अच्छा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंटस,एमिन एसिड्स, विटामिन्स, कैल्शियम, आयरन और बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को आवश्यक उर्जा प्रदान करते हैं।

6. बटरमिल्क (छाछ)

बटरमिल्क में इलेक्ट्रोलाइट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं तथा शुगर नहीं होती। बटरमिल्क शरीर में होने वाली पानी की कमी से लड़ने में सहायक है। डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए यह हाइड्रेशन का उत्तम स्त्रोत है।

7. आपात स्थिति में उपवास तुरंत तोड़ दें

डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को यह सलाह दी जाती है कि यदि उपवासके दौरान उनका ब्लड शुगर लेवल 70 मिग्रा./प्रतिशत गिर जाता है तो वे तुरंत अपना उपवास छोड़ दें।

8. उपवास तोड़ने के बाद आवश्यकता से अधिक न खाएं

लोग उपवास छोड़ते समय बहुत अधिक कैलोरी युक्त आहार लेते हैं, जोकि उचित नहीं है. पहले एकदम भूखे रहना और बाद में एकदम भारी खाना, शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

दिन में लगने वाली बे-वक़्त भूख को बाय-बाय कहना हो, तो आप भुने मखाने और एक मुट्ठी नट्स जैसे बादाम, किशमिश, अखरोट आदि चीज़ों का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रहे, बाज़ार में मिलने वाले व्रत के नमकीन पैकेट्स नमक और फैट से भरे होते हैं, इसलिए इन से दूरी बनाएं।

उपवास के दौरान खाएं सब्जियां

1. आलू 2. पेठा या कद्दू 3. शकरकंद 4. घुईया 5. सूरन या जिमकंद या यम 6. कच्‍चा केला 7. कच्‍चा पपीता 8. टमाटर 9. पालक, लौकी और खीरा व गाजर

अन्‍य खाद्य पदार्थ या सामग्री का सेवन

1. साबुदाना 2. मखाना या फूल मखाना 3. सभी मेवाएं: व्रत में हर प्रकार की मेवा खा सकते हैं। 4. सभी फल: व्रत में आप सभी फल ख सकते हैं। 5. दूध के सभी उत्‍पाद 6. चीनी, शहद या गुड़ 7. इमली, नींबू का रस व दही 8. नारियल या नारियल दूध 9. तरबूज के बीज